
🔱 20 जुलाई 2025 का पंचांग: जानें दशमी तिथि, चंद्र की चाल, नक्षत्र और राहुकाल का महत्व
रविवार, 20 जुलाई 2025 को श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है, जो दोपहर 12:13 बजे तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद एकादशी तिथि का आरंभ होगा, जिसे धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जाता है। इस दिन विक्रम संवत 2082 और शक संवत 1947 के अनुसार, कालयुक्त संवत्सर और विश्वावसु संवत्सर का प्रभाव रहेगा।
चंद्रमा आज सुबह 06:12 बजे तक मेष राशि में संचार करेंगे, उसके पश्चात वे वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे, जो स्थिरता और भौतिक सुखों का संकेत देती है। इस बदलाव से दिन के दूसरे भाग में मन स्थिर रहेगा और मानसिक शांति की अनुभूति हो सकती है।
नक्षत्र की बात करें तो आज पहले कृत्तिका नक्षत्र रात्रि 10:53 बजे तक रहेगा, जिसके बाद रोहिणी नक्षत्र का प्रभाव शुरू होगा। कृत्तिका और रोहिणी दोनों ही नक्षत्र शुभ माने जाते हैं, विशेषकर व्यापार और सौंदर्य से जुड़े कार्यों के लिए।
योग में आज पहले गण्ड योग रात्रि 09:47 बजे तक रहेगा, इसके बाद वृद्धि योग प्रारंभ होगा जो वृद्धि और सफलता का संकेतक है।
करण की बात करें तो दिन में विष्टि करण दोपहर 12:13 बजे तक रहेगा, उसके बाद बव करण रात 10:56 बजे तक और अंत में बालव करण प्रभावी रहेगा।
🔴 राहुकाल का समय इस दिन शाम 05:30 बजे से 07:10 बजे तक रहेगा। इस अवधि में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करना वर्जित माना जाता है।
यह दिन धार्मिक अनुष्ठानों, दान-पुण्य, और एकादशी व्रत की तैयारी के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है। चंद्रमा की वृषभ राशि में स्थिति आपके मन को शांत और केंद्रित बनाए रखेगी।
यदि आप कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने या पूजा-पाठ की योजना बना रहे हैं, तो पंचांग देखकर ही शुभ समय का चयन करें।
Table of Contents
20 जुलाई 2025 का विस्तृत पंचांग (रविवार)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| दिन | रविवार |
| माह | श्रावण मास (कृष्ण पक्ष) |
| तिथि | कृष्ण पक्ष दशमी Jul 19 02:42 PM – Jul 20 12:13 PM कृष्ण पक्ष एकादशी Jul 20 12:13 PM – Jul 21 09:39 AM |
| विक्रम संवत | 2082 (कालयुक्त) |
| शक संवत | 1947 (विश्वावसु) |
| ऋतु | वर्षा ऋतु |
| सूर्योदय | लगभग 05:36 AM |
| सूर्यास्त | लगभग 07:19 PM |
चंद्रमा की स्थिति
- चंद्र राशि: मेष राशि सुबह 06:12 तक, फिर वृषभ राशि
- नक्षत्र: कृत्तिका पूरे दिन – एकादश तिथि होने तक
योग और करण
- योग: गण्ड योग है
- करण: सुबह विष्टि, दोपहर बव, फिर बालव
राहुकाल और अशुभ मुहूर्त
- राहुकाल: शाम 05:36 PM – 07:19 PM, इस दौरान कोई शुभ कार्य टालें
शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त: लगभग 12:06 PM – 12:59 PM
- अमृत काल: शाम 08:38 PM – 10:07 PM
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:20 AM – 05:08 AM
दिन का विशेष महत्व
20 जुलाई 2025, रविवार, कृष्ण दशमी तिथि होने के साथ-साथ एकादशी की प्रारंभिक तिथि भी है, इसलिए धार्मिक दृष्टि से यह दिन विशेष फलीभाव देता है। कृत्तिका नक्षत्र और गण्ड योग मिलकर जीवन में स्थायित्व और निर्णय क्षमता प्रदान करते हैं। वृषभ चंद्रमा से दिन में मनोबल और स्थिरता बनी रहेगी। सुबह का अभिजीत मुहूर्त पूजा-पाठ व शुभ आरंभ के लिए सर्वोत्तम है। रात का अमृत काल भी व्रत या कथा हेतु अति उत्तम रहेगा।
निष्कर्ष
इस दिन शुभ कार्य, उपवास, कथा-पाठ, ध्यान, या दान में पहले अभिजीत वा अमृत मुहूर्त का उपयोग करें। शाम के राहुकाल में नए कार्य से बचें। त्यौहार और एकादशी की शुरुआत होने से यह समय आध्यात्मिक दृष्टि से भी अत्यंत उत्तम है।
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