4 अगस्त 2025 का पंचांग

4 अगस्त 2025 पंचांग: दशमी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र, इंद्र योग और वृश्चिक चंद्रमा

4 अगस्त 2025 का पंचांग
4 अगस्त 2025 का पंचांग

जानें 4 अगस्त 2025 का पंचांग

4 अगस्त 2025 का पंचांग, सोमवार को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है, जो प्रातः 11:42 बजे तक रहेगी, इसके बाद एकादशी तिथि का शुभारंभ होगा। यह दिन विक्रम संवत 2082 (कालयुक्त) और शक संवत 1947 (विश्वावसु) के अंतर्गत आता है। प्रातः 9:12 बजे तक अनुराधा नक्षत्र रहेगा, तत्पश्चात ज्येष्ठा नक्षत्र प्रारंभ होगा, जो गहन चिंतन और आत्मबल को जाग्रत करने वाला होता है। दिन की शुरुआत ब्रह्म योग से होगी जो 7:04 बजे तक रहेगा, उसके बाद इन्द्र योग का प्रभाव रहेगा, जो सौभाग्य और फलता का प्रतीक माना जाता है। करण की बात करें तो गर करण सुबह 11:42 बजे तक रहेगा, फिर वणिज और रात्रि में विष्टि करण का क्रम रहेगा। इस दिन चंद्रमा वृश्चिक राशि में संचार करेगा, जो भावनात्मक स्थिरता और साहस को बढ़ाता है। वहीं, सुबह 7:40 से 9:17 बजे तक राहुकाल रहेगा, जिसमें किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत करना वर्जित माना गया है। श्रावण का पवित्र सोमवारी दिन होने के कारण, यह दिन भगवान शिव की आराधना, व्रत, उपवास और ध्यान के लिए अत्यंत फलदायक रहेगा।


4 अगस्त 2025 का विस्तृत पंचांग (सोमवार)

विवरणजानकारी
दिनसोमवार
माहश्रावण मास (शुक्ल पक्ष)
तिथिशुक्ल पक्ष दशमी   – Aug 03 09:42 AM – Aug 04 11:42 AM
शुक्ल पक्ष एकादशी   – Aug 04 11:42 AM – Aug 05 01:12 PM
विक्रम संवत2082 (कालयुक्त)
शक संवत1947 (विश्वावसु)
ऋतुवर्षा ऋतु
सूर्योदय05:44 AM
सूर्यास्त07:10 PM

चंद्रमा की स्थिति

  • चंद्र राशि: वृश्चिक राशि में संचार
  • नक्षत्र:
    • अनुराधा – 09:12 AM तक
    • तत्पश्चात ज्येष्ठा नक्षत्र

योग और करण

  • योग:
    • ब्रह्म योग – 07:05 AM तक
    • तत्पश्चात इंद्र योग
  • करण:
    • कौलव – 11:41 AM तक
    • तत्पश्चात तैतििल
    • फिर गर करण प्रारंभ

राहुकाल और अशुभ समय

  • राहुकाल: 07:25 AM – 09:06 AM
  • यमगंड काल: 10:47 AM – 12:28 PM
  • गुलिक काल: 01:10 PM – 02:51 PM
  • दुर्मुहूर्त: 12:08 PM – 01:02 PM
  • वर्ज्य काल: कोई नहीं

शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: 04:09 AM – 04:57 AM
  • अभिजीत मुहूर्त: 12:08 PM – 01:02 PM
  • अमृत काल: 06:45 AM – 08:32 AM (उदाहरणार्थ)
  • सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं बन रहा

दिन का विशेष महत्व

4 अगस्त 2025, सोमवार को श्रावण शुक्ल एकादशी मनाई जाएगी। यह एकादशी कामिका एकादशी के रूप में जानी जाती है, जो विष्णु उपासना और पापों से मुक्ति के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन व्रत, जप, दान और गीता पाठ का विशेष महत्व है।

चंद्रमा वृश्चिक राशि में स्थित है जो आंतरिक दृढ़ता और मानसिक स्पष्टता प्रदान करता है। ज्येष्ठा नक्षत्र संघर्ष और तप से सफलता दिलाने वाला है, जबकि इंद्र योग सांसारिक कार्यों और कूटनीति में सफलता दिलाता है।

राहुकाल में कोई नया कार्य या यात्रा टालना उचित रहेगा। शेष दिन शुभ संकेत दे रहा है।


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