2 अगस्त 2025 का पंचांग

2 अगस्त 2025 पंचांग: अष्टमी तिथि, विशाखा नक्षत्र, शुक्ल योग और तुला राशि में चंद्र गोचर

2 अगस्त 2025 का पंचांग
2 अगस्त 2025 का पंचांग

जानें 2 अगस्त 2025 का पंचांग

2 अगस्त 2025, शनिवार का पंचांग विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है। यह दिन श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से आरंभ होकर प्रातः 7:23 बजे के बाद नवमी तिथि में प्रवेश करेगा। आज का नक्षत्र विशाखा रहेगा, और दिन में शुक्ल नामक शुभ योग बना रहेगा। करण की बात करें तो बव करण सुबह 7:23 बजे तक रहेगा, इसके बाद बालव रात 8:34 बजे तक और फिर कौलव करण प्रभावी होगा। राहुकाल सुबह 9:17 बजे से 10:55 बजे तक रहेगा, जिसमें कोई भी शुभ कार्य करने से परहेज़ करें। चंद्रमा आज रात्रि 11:52 बजे तक तुला राशि में संचार करेगा, इसके उपरांत यह वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा। विक्रम संवत 2082 और शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर) के अनुसार यह दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।


🕉️ 2 अगस्त 2025 का विस्तृत पंचांग (शनिवार)

विवरणजानकारी
दिनशनिवार
माहश्रावण मास (शुक्ल पक्ष)
तिथिशुक्ल पक्ष अष्टमी   – Aug 01 04:58 AM – Aug 02 07:23 AM
शुक्ल पक्ष नवमी   – Aug 02 07:23 AM – Aug 03 09:42 AM
विक्रम संवत2082 (कालयुक्त)
शक संवत1947 (विश्वावसु)
ऋतुवर्षा ऋतु
सूर्योदय06:03 AM
सूर्यास्त07:02 PM

🌙 चंद्रमा की स्थिति

  • चंद्र राशि: तुला राशि में संचार
  • नक्षत्र:
    • विशाखा नक्षत्र – पूरे दिन और रात

🔯 योग और करण

  • योग:
    • शुक्ल योग – दोपहर 07:00 AM तक
    • तत्पश्चात ब्रह्म योग प्रारंभ
  • करण:
    • बव – सुबह 07:23 AM तक
    • तत्पश्चात बालव करण
    • फिर दोपहर बाद कौलव करण प्रारंभ

🚫 राहुकाल और अशुभ समय

  • राहुकाल: 09:18 AM – 10:56 AM
  • यमगंड काल: 01:32 PM – 03:10 PM
  • गुलिक काल: 06:03 AM – 07:41 AM
  • दुर्मुहूर्त: 06:03 AM – 06:57 AM
  • वर्ज्य काल: कोई नहीं

✅ शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: 04:27 AM – 05:15 AM
  • अभिजीत मुहूर्त: 12:08 PM – 01:01 PM
  • अमृत काल: दोपहर 01:05 PM से 02:50 PM तक (उदाहरणार्थ)
  • सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं बन रहा

🌟 दिन का विशेष महत्व

2 अगस्त 2025, शनिवार को श्रावण शुक्ल नवमी तिथि है। यह दिन विशेष रूप से माँ दुर्गा या नवदुर्गा स्वरूपों की उपासना के लिए श्रेष्ठ माना गया है। उपवास, दान और जप के लिए उत्तम समय है।

तुला राशि में चंद्रमा होने से भावनात्मक संतुलन और न्यायप्रियता पर बल मिलेगा। विशाखा नक्षत्र शिक्षा, लक्ष्यान्वेषण और सफलता के लिए शुभ होता है। शुक्ल योग कार्य सिद्धि में सहायक है, वहीं ब्रह्म योग विशेष आध्यात्मिक और मानसिक शांति प्रदान करता है।

राहुकाल में कोई नया कार्य या यात्रा शुरू न करें। शेष दिन की स्थिति शुभ फलदायी है।


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